Thursday, July 7, 2011

रंग लहू ,बारूद अबीर..!!


(भारतीय जवानों को समर्पित )



















रंग  लहू , बारूद  अबीर !
हिन्द हिमालय अपनी लकीर ! 

लहू  के  सावन  सा  हम बरसें
अम्न के फागुन को हम तरसें
मौत को भी कायर कर दें
इस हद  तक हम वीर
रंग लहू ,बारूद अबीर !

माटी   ही  चन्दन  अपने लिए
सरहद ही मधुबन अपने लिए
हाथों में जागीरे-वतन
खिलौना बना लिया ये शरीर
रंग लहू ,बारूद अबीर !

ममता की नादें एक तरफ
सबकी   यादें   एक  तरफ
लुट जाए सब अपना तो
शाने-वतन के हम अमीर
रंग लहू , बारूद अबीर !!

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